पर्यटन कारोबार के लिए मंदा रहा 2013

कुल्लू। वर्ष 2013 प्रदेश के पर्यटन कारोबार के लिए निराशाजनक रहा। किन्नौर और उत्तराखंड त्रासदी का प्रदेश के पर्यटन कारोबार पर बुरा असर पड़ा। पर्यटन कारोबारियों के अनुसार वर्ष 2013 पर्यटन कारोबार के लिए सबसे मंदा रहा। कारोबारियों के मुताबिक 2013 के पर्यटन कारोबार पर किन्नौर, उत्तराखंड और अनियमित हवाई सेवाओं की मार पड़ी। इससे वर्ष 2013 में पर्यटन कारोबार अन्य वर्षों के मुकाबले 60 से 70 प्रतिशत तक कम रहा। इससे जहां पर्यटक कारोबार को करोड़ों की चपत लगी, वहीं सरकार को भी टैक्स न मिलने से करोड़ों का नुकसान हुआ।
वर्ष 2013 के शुरुआत में भुंतर के लिए हवाई सेवाएं ठप होने के कारण पर्यटन कारोबार गति नहीं पकड़ पाया और कारोबारियों को मंदी की मार झेलनी पड़ी। 15 मई को हवाई सेवाएं शुरू हुईं और पर्यटन सीजन ने कुछ गति पकड़ी। लेकिन, 90 दिन तक चरम पर रहने वाले पर्यटन कारोबार को जून मध्य में हुई किन्नौर और उत्तराखंड त्रासदी ने ब्रेक लगा दी। हजारों पर्यटकों ने कुल्लू-मनाली समेत प्रदेश के कई होटलों से अपनी बुकिंग रद करवा दी। इसके बाद 30 जून को हवाई सेवाएं भी बंद हो गईं। डेढ़ माह बाद 15 सितंबर को हवाई सेवाएं शुरू हुईं, लेकिन त्रासदी की मार के कारण पर्यटन सीजन गति नहीं पकड़ पाया। होटल एसोसिएशन अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने बताया कि उत्तराखंड और किन्नौर त्रासदी के कारण कुल्लू-मनाली का पर्यटन कारोबार पूरी तरह मंदा रहा। इसके चलते होटल मालिकों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा। मनाली स्टेक होल्डर एसोसिएशन अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर का कहना है कि किन्नौर और उत्तराखंड त्रासदी से कुल्लू-मनाली का पर्यटन कारोबार इस बार 60 से 70 प्रतिशत तक कम रहा। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाएं बंद रहने से भी पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ।

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